भावना उपाध्याय ..नाम था....लम्बी ..छरहरी दुबली ...और सुराही जैसी गर्दन....बहुत तेज कदम चलती वो.. चश्मा लगाती थी....!!क्लास छूटते ही सबसे पहले ट्यूशन वाले सर के घर के बहार पहुछ जाती ........ उन दिनों मैं कोल्ड ड्रिंक कंपनी में पार्ट टाइम जॉब करता था तो क्लास में बहुत कम जाता था...वो टाइम भी सूट नहीं था था मुझे...हां एक अछे फ्रेंड की सलाह पे ट्यूशन लगवा ली...
.......खैर भावना ..थोडा पहले आती तो हाय हेल्लो हो जाती....जाने हम दोनों की आँखों में क्या था एक दुसरे के लिए ...हम दूर रहके भी एक दुसरे को बार बार देखते ....मन ही मन कुछ सोचते ....!! मेरा पक्का दोस्त अरविन्द वोहरा (जाने अब कहा है ?)मेरे मन से पहले उसके मन की बात जान गया .....उसने बता दिया...देख वो लेक्चर के दौरान .तुझे देखेगी....!!!
...मै डरपोक था....बिलकुल वैसा जैसे हाल में मैंने " रब ने बनाली जोड़ी का शाहरुख़ " को देखा ...चाहते हुए भी भावना से कुछ नहीं बोल पाता...!
..खैर साथियों...मामला ऐसे ही चलता गया ...आगे नि बढा..मुझ पे पढाई और जॉब का दबाब था ..एक नशा था कम उम्र में जादा और कुछ बड़ा करने का...!!!
..मेरी ये फिस्सडी सोच ...मुझे ..थोडा दर्द दे गई...अरविन्द जो मेरा हल्का फुल्का मैस्सेंजेर और पक्का दोस्त हुआ करता था अपने बर्थडे पार्टी पे सिर्फ मुझे पार्टी दे गया ...!!!
...अरविन्द ने मेरे आगे कोल्डड्रिंक की बोतल रखी..खुद के नए बीयर की कैन ...और सपाट शब्दों में बोला....
..स्पोर्ट में मुझसे आगे...पढाई में मुझसे तेज...दुनिया को मुझसे पहले समझने वाला ..सुख दुःख में सबका साथी अरविन्द मुझे आज सबसे बड़ा मूर्ख और बेदर्द नजर आया...!!! गुस्सा और दर्द पी गया ...मै..सिगरेट कांप गई मेरी उँगलियों मै .,...मैं कुछ कह देता मगर मेरे कापती बांह को जोर से थामा सतीश ने ....वो सब सुन रहा था....जाने मुझे ऐसा लगा कोई संभाल रहा है मुझे.....!!!...थैंक्स सतीश ...!!
......मैंने किसी से कुछ नहीं कहा
भावना को शायद अरविन्द ने बता दिया होगा,,,और हमारे इक्जाम भी शुरू हो गए ,,,,लेकिन भावना को भूल पाना मुश्किल हो रहा था...अरविन्द ने मुझे बताया की भावना का इकरार हो चुका है उससे ....वो दोनों डोईवाला से आते थे...अरविन्द के शब्दों में कि हम हमेशा एक बस एक सीट में आते हैं.....मेरी रही सही उम्मीद को ढहा गया .....मैं अपने काम में मशरूफ हो गया,,,,

....दोस्तों मैंने लगातार दो नज्म सुनाई..मुझे सब कुछ बीते पल याद आ रहे थे ....कविताये भी लोगों की प्रतिक्रियाओं से अपने खूबसूरत होने का भान दे रही थी...!!
...मैं मंच से उतर कर नीचे पंडाल में आकर बैठ गया....बामुश्किल ५ मिनट ...मेरे पास २ लडकिया आई ..एक भावना दूसरी जाने कौन...में अचानक से खड़ा हो गया .....!! आज पहली बार भावना से जादा खुल के बात हुई थी मेरी...
..." बातों बातों में भावना ने कहा " आप के जाने के बाद अरविन्द कभी दोस्त नी रहा मेरा ..मुझे सतीश ने सब बता दिया था ...आप तो गायब ही हो गए....तब से ......!!! हां एक खुश खबर ...अप्रेल में शादी है मेरी बारातियों की तरफ से आना है आपको ...सतीश और मैं आपकी बात अक्सर करते है....सतीश बहुत तारीफ करता है आज भी आपकी...पर वो भी आपसे कम नहीं हा हा हा """हम दोनों शादी करने जा रहे है...!!
.....फिर से .धन्यवाद् सतीश ..तुमने आज फिर मेरी बांह पकड़ के सहारा दिया ...!खुश रहो भावना ..!!!
बहुत खूबसूरती से लिखी गयी है ये कहानी आपने .....
ReplyDeleteदिलको काफी छु गयी ..!
आपको और आपके परिवारजनों को होली की बहुत बहुत शुभकामनाये !!!
दर्द भरी आपकी दास्तां ! किन्तु हिंदी फिल्मों की भांति सुखांत.............. अभिव्यक्ति की प्रभावोत्पादक शैली. ..... सकलानी जी, मेरे ब्लॉग पर आपकी फोटो नहीं आ पा रही है शायद फोटो एडिट नहीं की होगी. ..... होली की शुभकामनाओं सहित .
ReplyDeletewah bhaiji..heart touchng story cha yat..maja aagaya..apne sath b kahi ye na..apna b kuch yahi haal...hai ha ha..:)))...great bro..tc
ReplyDeleteWah,what a emotional story...silent love..
ReplyDelete:) no words to express
very touchy story hamaare jamane me shayad her dooseri teesri love story ka yahi haal hota tha,aaj samaya badal gya hai.aaj pyar me vo gahraai nahi rahi,pahale pyar ek pooja thi,aaj ek faishon hai,,,awesome...very nice....:-)))
ReplyDeletewah bhai kya baat hai yaar bahut hi badhiya dil ko choo dene wali kahani.....
ReplyDeleteKya bat hai Anand bhai ji yar maja a gaya or dil bhar aya ye pad ke.............thanks for sharing it wth us.........
ReplyDeletesilent love...........
ReplyDeleteslow poison...........
for whole life..........
kam shabdoon mein antarmann ko chhu lena aapki lekhni ki khasiyat hai saklani ji... ise banaye rakhiyega... aajkal ki bhagam bhag wali zindagi me mahaj 5 min aapke lekhon ko padh kar ek alag hi sukoon milta hai...
ReplyDeleteअंजलि जी....सुबीर सर ...प्रदीप भाई....कमलेश मैडम जी....मंजुखुराना जी ..जीत भाई....इन्दर भुला.... ईशा जी....और अर्चना जी....बहुत बहुत बहुत..शुक्रिया....!!!
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